हारने के बाद क्या?
हारने के बाद क्या
मौन हो जाना ही सबसे उपयुक्त है?
और मौन के बाद क्या?
क्या इस मौन के दौर में
भीतर को शांत रखना
आसान होता है?
और क्या आसान है
जो भीतर है
उसे बाहर छुपाना?
क्या ये दौर ही
सबसे मुश्किल दौर कहा जाता है?
कहा जाता है और भी
बहुत कुछ
इस दौर के बारे में।
इस बहुत कुछ का
कुछ कुछ लिखना चाहता हूँ ।
मैं भी हारा हुआ हूँ ।